Skip to main content

Army Running की तैयारी कैसे करें?

 मोटिवेशनल 






क्या आप आर्मी जॉइन करना चाहते हैं 

अगर सच में ज्वाइन

 करना चाहते हैं तो अपने रनिंग के पुराने स्टाइल को बदल दीजिए

 अब कुछ नया करते हैं जो आपको आर्मी भर्ती में एक्सीलेंट दिला

 सके. आर्मी भर्ती के लिए रनिंग सबसे ज्यादा मायने रखता है.यह

फर्स्ट स्टेज एग्जाम होता है जिसमें अगर आप रनिंग पास किए तो

 ही इसके आगे के लिए आपको रखा जाएगा वरना ग्राउंड से ही

 भगा दिया जाता है। आपमें से बहुत सारे लोग अब तक कई भर्तियां

 देखें भी होंगे उन्हें अनुमान है कि कितनी भीड़ होती है और इस

 भीड़ में रनिंग निकालना बहुत ही मुश्किल है पर इस मुश्किल

 को हम बहुत ही आसान बनाने जा रहे हैं।

जिंदगी की इस दौड़ में कठिन परिश्रम ही आपका एकमात्र सहारा हैं।

Click Here

सामान्यतः यह देखा जाता है कि हर किसी को आर्मी रनिंग की तैयारी में कुछ बेसिक समस्याओं का सामना करना पड़ता है जैसे :-

  • दौड़ने का मन नही करता है

  • समय से नींद नही खुलता

  • दौड़ने के लिए कोई साथ मे नही रहता

  • अच्छे ग्राउंड की कमी

  • थोड़ी ही देर में सांस का फूलना

  • दौड़ते समय सीने में दर्द होना

  • कभी कभी पेट मे दर्द होना

  • दौड़ने के कारण पैर में सूजन

  • कभी कभी पैर में काफी दर्द का होना


अगर आपको भी ये सारी समस्याएं है तो यकीन मानिए आप बहाना

बना रहे है और आप आर्मी के लिए नही बने है।क्योंकि ऊपर बताए

 गए पॉइंट्स एक आर्मी लवर के लिए पैर के धूल के समान है।

इन सभी समस्याओं को भुलाकर जो कोई ग्राउंड में जाता है वही

 इस रेस का घोड़ा होता है।

अब बात आती है कि जब हर कोई इस रेस का घोड़ा होता है तो

 फिर रनिंग में सब पास क्यों नही होते?

कहते है कि चलता हुआ आदमी और दौड़ता हुआ घोड़ा कभी बूढ़ा

 नही होते। आपलोग शायद एक बात यहां भूल रहे है कि आर्मी की

 दौड़ के लिए रेस का घोड़ा होने मात्र से सफलता नही मिलती।इसके

 लिए आपको रेस का चीत्ता बनना पड़ेगा।




चलिए अब आपके समस्याओं का समाधान करते है

Q.दौड़ने का मन नही करता है?
:- बचपन में जिस मिट्टी को खाया था,उसका कर्ज़ चुकाना है;
तुम बनो इंजीनियर, डॉक्टर; हमे तो फ़ौज में जाना है।।
               बस इसी गुरु मंत्र का जाप करते हो आपका मन दौड़ने पर मजबूर कर देगा। बेहतर होगा कि देश भक्ति गीत सुना करो इससे आपका शरीर मानसिक रूप से भी दौड़ने के लिए तैयार हो जाएगा।

Q.समय से नींद नही खुलता?
:- कोई बात नही अगर किसी दिन देर से जागते हो तो भी ग्राउंड में जाओ और अपनी प्रैक्टिस जारी रखो। घर मे किसी को भी जगाने के लिए बोल सकते हो।या फिर मोबाइल में अलार्म लगा कर रखो।बस कुछ दिनों के प्रैक्टिस और आत्मविश्वास से ये समस्या भी दूर हो जाएगी।

Q. दौड़ने के लिए कोई साथ मे नही रहता?
:- जबतक तोड़ेंगे नही;तबतक छोड़ेंगे नही।। दशरथ मांझी का नाम सुना ही होगा ।अपने प्यार को पाने के लिए पूरे पहाड़ को ही काट डाला वो भी अकेले।आपको तो बस दौड़ना है। खुद को मोटीवेट करो।जिंदगी के सफर में संघर्ष अकेले ही करना पड़ता है।

Q.अच्छे ग्राउंड की कमी है?
:- कोई बात नही मेरे दोस्त आपके गाँव में अगर अच्छा ग्राउंड नही तो आप अपने आस-पास के  नजदीकी गाँव के  ग्राउंड में जा सकते है।आपको वहां परिश्रम करना है अपनी प्रैक्टिस को जारी रखना है।परिश्रम करने में गर्व महसूस होना चाहिए,न कि शर्मिंदगी।।इसके अलावा आप सड़क पर भी अपनी दौड़ की तैयारी जारी रख सकते है।

Q.थोड़ी ही देर में सांस फूल जाती है?
:-अगर आपका शरीर स्वस्थ है।आपको किसी भी प्रकार का कोई रोग नही है फिर भी रनिंग करते समय आपका सांस फूल रहा है तो डरने की कोई जरूरत नही और दौड़ छोड़ने की कोई जरूरत नही।यह एक सामान्य समस्या है जो हर किसी के साथ आर्मी रनिंग के शुरुआती दौर में होता है।अगर फिर भी आपको ज्यादा तकलीफ लगे तो अपने नज़दीकी डॉक्टर से एक बार जरूर परामर्श लें।।

Q.दौड़ते समय सीने में दर्द होना?
:- जैसा कि ऊपर बताया गया है कि दौड़ की शुरुआती दौर में सांस फूलता है उसी प्रकार यह भी एक बेसिक समस्या है जो एक सप्ताह के अंदर ठीक हो जाएगा।सांस का फूलना और सीने में हल्का दर्द होना यह रनिंग की तैयारी की शुरुआती समस्या है।दर्द ज्यादा लगे तो डॉक्टर से एक बार जरूर मिले।

Q.कभी कभी पेट मे दर्द होना
:-रनिंग करते समय कई बार पेट मे दर्द होने लगता है।एक begginer के लिए यह समस्या होना कोई बड़ी बात नही है।अगर आपको किसी प्रकार की पेट से सम्बंधित बीमारी नही है तो घबराने की जरूरत नही है।आप अपने खान-पान के स्तर को संतुलित रखें।कोशिश करें कि शौच जाते समय पेट अच्छा से साफ हो।शौच जाने से पहले दो-तीन गिलास पानी पिये तब शौचालय जाए। रनिंग से पहले बिल्कुल हल्का नाश्ता करके जाएं।ज्यादा हैवी ब्रेकफास्ट लेने से भी पेट दर्द करने लगता है।ज्यादा पानी पी कर दौड़ने पर भी पेट दर्द करने लगता है।दौड़ने से पहले पेशाब कर ले तो बेहतर होगा।

Q.दौड़ने के कारण पैर में सूजन हो जाना
:-कई बार दौड़ते दौड़ते हमारे पैरों में सूजन आ जाती है।ये समस्या भी नॉर्मल है।कभी कभी गढ़े में पैर पड़ जाता है जिससे पैरों में मोच आ जाती है जिससे पैर सूज जाता है।तो दौड़ते समय रनिंग ट्रैक का ध्यान रखे।रनिंग ट्रैक की साफ सफाई रखे।

Q.कभी कभी पैर में बहुत दर्द का होना

:-सबको पता है कि रनिंग करने से पूरे शरीर मे दर्द होता है।शरीर काफी थकान महसूस करता है।वैसे भी आर्मी रनिंग की तैयारी से पैर क्या पूरे शरीर मे पूरे समय थकावट सी रहती है।मन करता है कि अब अगले दिन से दौड़ने नही जाएंगे।पैर दौड़ने के नाम पर थम-सा जाता है।इतनी थकावट होती है कि अगले दिन नींद नही खुलता।

पर इन सभी समस्याओं का एक राम-बाण इलाज बताता हूँ।अगर यह काम कर जाए तो कमेंट बॉक्स में जरूर बताना।
ग्राउंड से दौड़ कर लेने के बाद वापस घर आए।फिर किसी बर्तन में पानी को नमक मिलाकर गर्म करें।ध्यान दे इसमें नमक थोड़ा ज्यादा डाले।जब पानी पूरा अच्छा से गर्म हो जाये तो गैस/चूल्हा को बंद कर लें।इस पानी से निकलने वाले गर्म भाप से सूती कपड़ा को गर्म करके पैरों की सेंकाई करें।जितना आप सहन कर सकते है उतना ही गर्मी लेना अन्यथा पैरों को मत जला लेना।


उसी सूती कपड़े को गर्म पानी मे भिगों कर पानी को हल्का निचोड़ कर फिर उस कपड़े से पैर की सेंकाई करे।घुटने से नीचे की भाग की सेंकाई की जाती है। जैसा कि  आपको भी पता है कि ज्यादा मेहनत करने से शरीर मे ऑक्सिजन की कमी हो जाती है जिससे कि मांसपेशियों में लैक्टिक एसिड जमा हो जाती है जिसके कारण हाथ, पैर में या फिर पूरे शरीर में दर्द होता है।
पैर के मांसल भाग की सेंकाई करे जहां आपको दर्द महसूस हो रहा हो।

आप रोज दौड़ कर आने के बाद नमक मिला हुआ गर्म पानी  से सूती कपड़ा  भींगा कर दोनों पैरों की सेंकाई करे।तब तक करे जब तक पानी ठंडा न हो जाये।फिर इसके बाद आप के पैरों में किसी भी प्रकार  का दर्द का अनुभव नही होगा।आप फिर से अगले दिन के दौड़ के लिए स्वतः तैयार हो जाएंगे।
तो कैसा लगा आज का हमारा ये टॉपिक,जरूर बताएं  अगर आपको इससे फायदा मिले तो दूसरों को भी बताए। इस ब्लॉग पोस्ट को आगे शेयर करते रहे ताकि कोई भी आर्मी रनिंग की इन बेसिक समस्या से निपट सके।
अगर आपके मन मे कोई भी प्रश्न है तो कमेंट बॉक्स में जरूर पूछें।
Videopur4.blogspot.com
Youtube-VIDEOPUR
Follow me- Videopur
Facebook page-Videopur 




Comments

Popular posts from this blog

संसद भवन की खास बातें Source:-दृष्टि आईएएस drishti Ias आप आजकल कभी संसद भवन के आसपास से गुजरें तो समझ आ जाएगा कि देश की नई संसद की इमारत के निर्माण का कार्य शुरू हो चुका है। संसद भवन परिसर को बड़े-विशाल बोर्डों से घेर दिया गया है पर अंदर से बाहर आने वाली आवाजें बताती हैं कि नई संसद बनाई जा रही है। हालॉंकि पुराना संसद भवन बना रहेगा। उसके उपयोग को लेकर भी सरकार जल्दी फैसला लेगी। निश्चित रूप से भारतीय लोकतंत्र का सबसे अहम प्रतीक रहा है हरबर्ट बेकर द्वारा डिजाइन किया गया संसद भवन। बेकर ने अपने सीनियर और नई दिल्ली के चीफ टाउन प्लानर एडवर्ड लुटियंस के परामर्श से संसद भवन का डिजाइन तैयार किया था। इस निर्माण के वक्त दोनों में कई मुद्दों पर बहस होती रहती थी। बेकर इसके बड़े हॉल के ऊपर गुंबद बनवाना चाह रहे थे जबकि लुटियंस इसे गोलाकार रखने का पक्ष में थे। तब इसका नाम कौंसिल हाउस था। संसद भवन का निर्माण 1921-1927 के दौरान किया गया था। इसका उद्घाटन 18 जनवरी 1927 को हुआ था। संसद भवन वास्तुकला का एक उत्कृष्ट नमूना है। इसकी तुलना विश्व के सर्वोत्तम संसद भवनों के साथ की जा सकती है। यह एक विशाल वृत्ताकार...

HOW TO GET A GOOD SLEEP IN NIGHT ?

  THESE ARE SOME IMPORTANT STEPS AFTER THAT YOU WILL GET A GOOD SLEEP:- KEEP AWAY YOUR PHONE IN NIGHT & A LIMITED USE OF PHONE IN DAY. DO EXERCISE DAILY OR Hard work THINK POSITIVE KEEP SMILING ON FACE TAKE A BALANCED FOOD MEDITATION & YOGA OBEY YOUR PARENTS LESS SPEAK,MORE LISTEN DON'T THINK OVER TIME BE PUNCTUAL OF TIME.   More Topics>>Click Here